नई दिल्ली।बोतलबंद पानी के कारोबार में अब भारतीय सेना का अनूठा योगदान सामने आया है। आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) द्वारा शुरू किया गया “सेना जल” सिर्फ पीने का पानी नहीं, बल्कि शहीद परिवारों की मदद और देशभक्ति का प्रतीक बन गया है।
सेना जल की शुरुआत कहाँ से हुई?
सेना जल की नींव दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत ने रखी थी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य था— आम नागरिकों को ऐसा विकल्प देना जिससे पानी खरीदते समय भी वे देशसेवा में योगदान कर सकें।
कीमत और उपलब्धता
- आधा लीटर बोतल: ₹6
- एक लीटर बोतल: ₹10
जबकि विदेशी ब्रांड जैसे बिस्लेरी और एक्वाफिना यही पानी ₹20 तक में बेचते हैं।
सेना जल क्यों ख़ास है?
सेना जल की पूरी आय सेना कल्याण समिति को दी जाती है।
इससे होने वाला लाभ सीधे उपयोग होता है:
- शहीदों के परिवारों की आर्थिक सहायता
- शहीद बच्चों की शिक्षा और भलाई
बिना बड़े विज्ञापनों के, सेना जल बेहतरीन गुणवत्ता और कम कीमत में उपलब्ध है।
विदेशी ब्रांड बनाम सेना जल
आज अधिकतर बोतलबंद पानी कंपनियाँ विदेशी स्वामित्व वाली हैं। यानी उनका मुनाफा बाहर चला जाता है।
लेकिन जब आप सेना जल खरीदते हैं, तो आपका पैसा सीधे भारतीय वीर जवानों और उनके परिवारों तक पहुँचता है।
नागरिकों से अपील
अगली बार यात्रा, होटल या दुकान में पानी खरीदते समय—
सेना जल मांगें।
यह सिर्फ पानी नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति की पहचान है।
सेना जल भारतीय सेना की एक ऐसी पहल है जो नागरिकों को सस्ता, स्वदेशी और राष्ट्रहित में उपयोगी विकल्प देती है। यह विदेशी ब्रांडों का विकल्प बनकर न केवल बाजार में मजबूती से खड़ा है, बल्कि शहीद परिवारों के लिए जीवनदायिनी भी है।
जय हिंद







