जब पवन साय सुरक्षित नहीं, तो आम जनता कैसे? गृह मंत्री व्यस्त, अपराधी मस्त—राजधानी में

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति को हिला देने वाली घटना राजधानी रायपुर में सामने आई है। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय के गाड़ी पर अज्ञात हमलावरों ने पथराव किया। सड़क किनारे पड़े पेवर ब्लॉक, ईंट और गमले फेंके गए, जिससे कार को नुकसान पहुँचा है। अचानक हुए इस हमले से कार्यकर्ताओं में अफरातफरी मच गई।

यह घटना केवल एक नेता पर हमला नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े करती है। पवन साय को संगठन का सबसे सशक्त व्यक्ति माना जाता है, और यदि उनकी सुरक्षा पर सेंध लग सकती है, तो आम नागरिक कितने सुरक्षित हैं—यह सवाल अब हर कोई पूछ रहा है।

पवन साय: संगठन की रीढ़

भाजपा संगठन को कठिन दौर से निकालकर सत्ता तक पहुँचाने में पवन साय की रणनीति और मेहनत अहम मानी जाती है। कांग्रेस के दबदबे वाले दौर में भी उन्होंने भाजपा को मजबूती दिलाई। ऐसे नेता पर हमला राजनीतिक रूप से गंभीर संकेत देता है।

हाल की वारदातें और भय का माहौल

पिछले कुछ हफ्तों में प्रदेशभर से लगातार घटनाएँ सामने आई हैं—

  • बिलासपुर: दिनदहाड़े चाकूबाजी ने शहर को दहला दिया
  • धमतरी: ढाबे में खुलेआम मर्डर, पुलिस देर से पहुँची।
  • रायपुर: राजधानी की सड़कों पर चाकूबाजी और लूट की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।
  • कवर्धा: हालिया घटनाओं ने स्थानीय स्तर पर तनाव और भय पैदा कर दिया।

इन वारदातों ने यह धारणा और पुख्ता की है कि अपराधियों को पुलिस या कानून का कोई डर नहीं है।

गृह मंत्री और प्रशासन पर सवाल

गृह मंत्री की जिम्मेदारी प्रदेश को सुरक्षित रखना है। लेकिन जब संगठन महामंत्री जैसे बड़े नेता ही सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक किस भरोसे के साथ घर से निकलें? महिला सुरक्षा से लेकर व्यापारी वर्ग तक, हर कोई असुरक्षित महसूस कर रहा है।

राजधानी रायपुर में सुरक्षा तंत्र की यह स्थिति छोटे जिलों और ग्रामीण इलाकों की स्थिति का भी अंदाज़ा देती है। सवाल साफ है—क्या प्रदेश की कानून-व्यवस्था अब भगवान भरोसे है?

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