समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दायित्व पुलिस प्रशासन पर होता है। लेकिन जब कानून के रक्षक ही मनमानी करने लगें और आम जनता विशेषकर महिलाओं को परेशान करें, तो यह चिंता का विषय बन जाता है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सामने आया, जहाँ वाहन चेकिंग के नाम पर मनमानी करने वाले थाना प्रभारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई।
मुख्य घटना
28 अगस्त 2025 को बिलासपुर के हिर्री थाना प्रभारी अवनीश पासवान को एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच (निलंबित) कर दिया। यह कदम तब उठाया गया जब डिप्टी सीएम अरुण साव ने इस मामले की शिकायत सीधे एसएसपी से की। शिकायत में बताया गया कि वाहन चेकिंग के दौरान महिलाएँ और परिवार बिना किसी वजह के परेशान किए जा रहे हैं।
पूर्व निर्देशों की अवहेलना
दरअसल, 20 अगस्त को रात 10:30 बजे हुई बैठक में एसएसपी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वाहन चेकिंग के दौरान विवेक और संवेदनशीलता का पालन करना आवश्यक है। खासतौर पर महिलाओं, बच्चों और परिवार वालों को बेवजह रोकने या परेशान करने से बचने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद इन निर्देशों की अनदेखी की गई, जिसके चलते यह कठोर कार्रवाई करनी पड़ी।






