रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और आसपास के 120 गांवों में जमीन की रजिस्ट्री, खरीदी-बिक्री और बंटवारे पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन का यह कदम पांच प्रमुख विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर उठाया गया है। हालांकि, इससे करीब तीन हजार से अधिक किसान और ग्रामीण परेशान हैं, क्योंकि वे अपनी जमीन न तो बेच पा रहे हैं और न ही खरीद पा रहे हैं। यह रोक पिछले दो महीनों से लागू है।
नवा रायपुर में 12.5 किमी लंबी नई सड़क
नवा रायपुर के लेयर-1 और लेयर-2 क्षेत्र में 12.5 किमी लंबी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। यह सड़क पलौद, कोटनी, तांदुल, पीता, बंजारी और कुरूं गांवों से होकर गुजरेगी। सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। मुआवजे से पहले जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण और डायवर्सन पर रोक लगाई गई है। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कहा कि भारतमाला प्रोजेक्ट की तरह गड़बड़ी न हो, इसलिए सभी दस्तावेजों की सख्त जांच की जाएगी।
खरसिया-नया रायपुर परमलकसा रेल लाइन
दूसरी बड़ी परियोजना खरसिया-नया रायपुर परमलकसा रेल लाइन है। यह लाइन तिल्दा, आरंग, अभनपुर और खरोरा ब्लॉक के 35 गांवों से होकर गुजरेगी। रेलवे ने भरोसा दिलाया है कि ट्रेस मैप पूरा होने के बाद निर्धारित 10-10 मीटर की भूमि सुरक्षित रखी जाएगी और बाकी जमीनों से खरीदी-बिक्री की रोक हटा दी जाएगी।
रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग चौड़ीकरण
तीसरा प्रोजेक्ट रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग का चौड़ीकरण है। इसके लिए निमोरा-1, सिलतरा, जरौंदा, आमासिवनी, खरोरा, नरदहा और अन्य 36 गांवों की जमीनों पर रोक लगाई गई है। पीडब्ल्यूडी द्वारा तैयार प्लान के अनुसार, पहले चरण में रायपुर विधानसभा जीरो प्वाइंट से बलौदाबाजार तक 53.1 किमी फोरलेन सड़क बनाई जाएगी।
विशाखापट्टनम-रायपुर एचपीसीएल पाइपलाइन
चौथा प्रोजेक्ट विशाखापट्टनम से रायपुर तक एचपीसीएल की पाइपलाइन है। इसके लिए आरंग तहसील के कुम्हारी, गौरभाठ, मंदिरहसौद और अन्य 15 गांवों में जमीन खरीदी-बिक्री पर रोक है। इस परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाई जाएगी, लेकिन किसानों को स्वामित्व बना रहेगा। हालांकि, वे भूमि पर कोई निर्माण नहीं कर पाएंगे।
नवा रायपुर में नया विहार नगर विकास योजना
पांचवां प्रोजेक्ट नया रायपुर में “नया विहार नगर विकास योजना” है। इसके लिए बरौदा, रमचंडी, रीको, मंदिरहसौद और नकटी गांव की 436 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित होगी। यहां किसानों को बदले में विकसित प्लाट दिए जाएंगे। इस योजना में चौड़ी सड़कें, अंडरग्राउंड बिजली, वाई-फाई और गैस पाइपलाइन जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
भारतमाला घोटाले से सबक
भारतमाला प्रोजेक्ट में हुए मुआवजा घोटाले के बाद प्रशासन ने पहले ही खरीदी-बिक्री पर रोक लगा दी है, ताकि भविष्य में किसी तरह की अनियमितता न हो।
किसानों की बढ़ी मुश्किलें
गांवों के किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि रोक के चलते वे आर्थिक संकट में फंस रहे हैं। जरूरत पड़ने पर जमीन बेच नहीं पा रहे और खरीदी भी ठप हो गई है। अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने कहा कि शासन के नियमों के मुताबिक किसी भी विभाग को परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पत्र मिलते ही खरीदी-बिक्री रोकना अनिवार्य है।







