लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को प्रकृति या परमात्मा ने बीमारू नहीं बनाया, बल्कि सत्ता में रहे दलों की भ्रष्ट और स्वार्थी नीतियों ने इसे पिछड़ा राज्य बना दिया।
योगी ने कहा कि पिछले दशकों में प्रदेश के पास असीम संभावनाएं थीं, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ और गलत निर्णयों ने विकास की राह रोक दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों ने न तो कानून-व्यवस्था सुधारने की ईमानदारी दिखाई और न ही इंफ्रास्ट्रक्चर व उद्योग निवेश पर ध्यान दिया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने प्रदेश को ‘बीमारू’ की पहचान से बाहर निकालने का संकल्प लिया है। योगी ने कानून-व्यवस्था की मजबूती, सड़क व एक्सप्रेसवे निर्माण, औद्योगिक निवेश, और युवाओं के लिए रोजगार सृजन को अपनी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया में निवेश का केंद्र बन रहा है और विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ का यह बयान आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए विपक्षी दलों पर सीधा राजनीतिक हमला है। इससे साफ है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में “बीमारू राज्य” वाली बहस फिर से जोर पकड़ सकती







