किसी भी राज्य की शांति और व्यवस्था वहां की कानून व्यवस्था पर निर्भर करती है। यदि समाज में अपराधों की घटनाएं बढ़ने लगें, तो यह न केवल आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा होता है बल्कि प्रशासन की छवि पर भी प्रश्नचिन्ह लग जाता है। हाल ही में प्रदेश में चाकूबाजी की बढ़ती घटनाओं ने पुलिस प्रशासन को चिंतित कर दिया है। इसी मुद्दे पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें अपराधों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य भाग:
बैठक में प्रदेश के सभी रेंज के IG, SSP और SP शामिल हुए। इस बैठक में DGP अरुण देव गौतम ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश में हो रही चाकूबाजी की घटनाओं पर तुरंत रोक लगाई जाए।
DGP ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुराने बदमाशों और चाकूबाजों पर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही, प्रत्येक जिले से इस समस्या के समाधान के लिए ठोस एक्शन प्लान बनाकर प्रस्तुत करने के आदेश दिए। उन्होंने विशेष रूप से रायपुर और बिलासपुर रेंज का उल्लेख किया, जहां इस समस्या का प्रभाव अधिक देखा जा रहा है।
निर्देशों के अनुसार अब DSP स्तर के अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर निगरानी करेंगे। पुलिस अधिकारियों को यह आदेश दिया गया कि वे नियमित रूप से फील्ड विजिट करें और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करें।







