बिलासपुर में वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक (CCF) कार्यालय परिसर में लगे एक विशालकाय पेड़ को बिना अनुमति के काट दिया गया। यह घटना उस विभाग में हुई है, जिसकी जिम्मेदारी पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों की सुरक्षा की है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विभाग के अधिकारियों ने बिना उचित कारण के इस हरे-भरे पेड़ को जड़ों समेत कटवा दिया। बताया जा रहा है कि मंदिर निर्माण में बाधा का हवाला देकर पेड़ को गिराया गया।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब केंद्र और राज्य सरकारें “पेड़ मां” जैसी मुहिम के जरिए पर्यावरण प्रदूषण कम करने और हरियाली बढ़ाने के प्रयास कर रही हैं। वन विभाग खुद पौधारोपण कर हरियाली लाने की जिम्मेदारी निभा रहा है, वहीं उसी विभाग के कार्यालय परिसर में लगे पेड़ को मशीन चलाकर धराशायी कर देना लोगों के बीच सवाल खड़े कर रहा है।
यह मामला न केवल पर्यावरण प्रेमियों के लिए चिंता का विषय है बल्कि विभाग की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है। जहां एक ओर हरियाली बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी दफ्तरों में ही हरे-भरे पेड़ों को बिना अनुमति गिराना विरोधाभासी कदम माना जा रहा है। इस तरह की घटनाएं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को कमजोर करती हैं और जिम्मेदार विभाग की विश्वसनीयता पर असर डालती हैं।



