कोरबा। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि कोरबा जिले के डिंगापुर मतदान केंद्र की वोटर लिस्ट में वर्षों पहले ट्रांसफर हो चुके चार कलेक्टरों, रिटायर अफसरों और यहां तक कि दिवंगत व्यक्तियों के नाम आज भी दर्ज हैं।

अग्रवाल का दावा है कि वार्ड क्रमांक 36, मतदान केंद्र क्रमांक 4, अनुभाग 5 की सूची में रानू साहू, मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, किरण कौशल और सौरभ कुमार जैसे पूर्व कलेक्टरों के नाम शामिल हैं, जबकि ये सभी सरकारी आवास क्रमांक C-2 से सालों पहले स्थानांतरित हो चुके हैं।
नाम हटाने की जगह… नए जिलों में भी जुड़ गए?
अग्रवाल ने शक जताया है कि इन अफसरों के नाम उनके नए पदस्थ जिलों की सूची में भी जोड़े जा चुके होंगे। यानी एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक जिलों में वोटर के रूप में दर्ज हो सकता है।
रिटायर और दिवंगत भी ‘सक्रिय मतदाता’!
सूची में डिप्टी कलेक्टर रहे बी.एस. मरकाम, जिला खाद्य अधिकारी एच. मसीह जैसे रिटायर अफसरों के नाम मौजूद हैं। इतना ही नहीं, कई ऐसे लोग जो कोरबा छोड़कर दूसरे जिलों में बस गए हैं या अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके नाम भी मतदाता सूची में बरकरार हैं।
कलेक्टर के आवास से ही गड़बड़ी की शुरुआत
अग्रवाल का तंज — “जब वर्तमान कलेक्टर अजीत वसंत अपने ही पते से जुड़ी गड़बड़ी नहीं हटा सके, तो पूरे जिले की मतदाता सूची सही होने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?” उन्होंने कहा, यह लोकतंत्र के साथ सीधा खिलवाड़ है और निर्वाचन आयोग को पूरे जिले की सूची की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
कांग्रेस का वार, बीजेपी पर भी तंज
कांग्रेस का कहना है कि यह मामला सिर्फ तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल है। साथ ही बीजेपी शासन में निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर भी उंगली उठाई जा रही है।



