रायपुर और बिलासपुर में रविवार को धर्मांतरण के आरोपों को लेकर माहौल गरमा गया। रायपुर के कुकुरबेड़ा इलाके में एक महिला समेत तीन लोगों पर धर्मांतरण कराने के प्रयास का आरोप लगा, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
सूत्रों के अनुसार, आरोप है कि प्रार्थना सभा के जरिए लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रति व्यक्ति 3,300 रुपये देने का लालच दिया जा रहा था। एक युवती ने बताया कि 12वीं में पढ़ाई के दौरान उसे हर महीने पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। वहीं, एक अन्य युवक ने कहा कि उसकी भाभी ने पूजा-पाठ छोड़कर ईसाई प्रार्थना सभाओं में जाना शुरू कर दिया था, जिससे मोहल्ले में तनाव फैल गया।

थाने में पहुंचने पर आरोपियों के परिजन और समर्थकों ने हंगामा किया, जिसके दौरान हाथापाई की स्थिति भी बन गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं, बिलासपुर के सिरगीडी में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा हुआ। आरोप है कि किराए के मकान में आयोजित सभा में बीमारियों से मुक्ति दिलाने का दावा किया जा रहा था और इसी बहाने लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना पर हिंदू संगठनों के सदस्य मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मकान सील कर दिया। दोनों ही मामलों में जांच जारी है और पुलिस ने साफ किया है कि आरोप साबित होने पर सख्त कार्रवाई होगी।







