छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील को लेकर सामने आई लापरवाही ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। यह घटना न केवल प्रशासन की उदासीनता को उजागर करती है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की अनदेखी का भी जीता-जागता उदाहरण है।
घटना का विवरण:
5 अगस्त 2025 को पथारी ब्लॉक के एक मिडिल स्कूल में मिड-डे मील के दौरान खाना खुले में रखा गया था। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता भोजन में मुंह मार गया। आश्चर्यजनक रूप से, इस बात को नजरअंदाज करते हुए वही खाना 83 बच्चों को परोस दिया गया। यह सरासर लापरवाही की पराकाष्ठा थी।
बच्चों ने जैसे ही इस बात की शिकायत की, मामला तूल पकड़ गया और पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। यह घटना सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
हाईकोर्ट की प्रतिक्रिया:
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि “छात्रों का भोजन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह एक गंभीर जिम्मेदारी है। इसकी गरिमा बनाए रखना अनिवार्य है।” कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त 2025 को तय की है।







