न्यायिक संस्थानों में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यहाँ आरोपियों को पेशी के लिए लाया जाता है। लेकिन जब सुरक्षा व्यवस्था ही लापरवाह हो, तो अपराधियों के भागने की घटनाएँ सामने आती हैं। हाल ही में पटना सिविल कोर्ट से एक चोर कैदी के फरार होने की घटना ने पुलिस प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का वर्णन:
यह घटना सोमवार को पटना सिविल कोर्ट परिसर में घटी। एक चोर आरोपी सुरेंद्र कुमार उर्फ छोटू, जो नवादा का रहने वाला है, चोरी के मामले में गिरफ्तार कर के पेशी के लिए कोर्ट लाया गया था। जब कैदी वैन के पास पुलिसकर्मी उसे ले जा रहे थे, तभी उसने हथकड़ी सरकाकर भागने में कामयाबी हासिल कर ली। कोर्ट परिसर में मौजूद पुलिस कर्मी देखते रह गए और वह अपराधी फरार हो गया।
पुलिस की कार्रवाई:
कैदी के फरार होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तुरंत सभी थानों को अलर्ट किया गया और जगह-जगह तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
जिम्मेदारी तय होनी चाहिए:
यह घटना स्पष्ट रूप से पुलिस की लापरवाही का परिणाम है। एक अपराधी हथकड़ी पहने कोर्ट जैसी सुरक्षित जगह से कैसे फरार हो सकता है, यह गंभीर चिंता का विषय है। यह घटना दर्शाती है कि सुरक्षा इंतज़ामों में गंभीर खामियाँ हैं, जिन्हें तुरंत सुधारने की आवश्यकता है।






