छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की 2021 की भर्ती प्रक्रिया विवादों और घोटालों के चलते लंबे समय से चर्चा में रही है। इस परीक्षा में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगे, जिससे कई योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया।
हाल ही में, इस मामले में एक बड़ी प्रगति हुई है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने उन 60 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है, जो चयनित तो हुए थे, लेकिन भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने के कारण अब तक नियुक्त नहीं हो सके थे। इन अभ्यर्थियों ने अदालत में याचिका दाखिल की थी और न्याय की गुहार लगाई थी।
कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों के खिलाफ अब तक सीबीआई की जांच में कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है, उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता। ऐसे में यदि वे योग्य हैं और चयनित भी हो चुके हैं, तो उन्हें नियुक्ति से वंचित रखना अन्याय होगा।
हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को निर्देश दिया है कि ऐसे सभी अभ्यर्थियों को 60 दिनों के भीतर नियुक्ति दी जाए। यह आदेश उन सभी छात्रों के लिए आशा की किरण है जो बिना किसी गलती के केवल एक विवादित व्यवस्था की वजह से अपने करियर से वंचित रह गए थे।







