कवर्धा। छत्तीसगढ़ की राजनीति में नक्सल मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के बयान को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जो लोग पांच साल सत्ता में रहे, वे अपने ही शहीदों के लिए ठोस कदम नहीं उठा पाए और अब जब मौजूदा सरकार कार्रवाई कर रही है तो उसे राजनीति का रंग दिया जा रहा है।
कवर्धा के शिवाजी चौक पर आयोजित कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस मौके पर विजय शर्मा ने झीरम घाटी की घटना को याद करते हुए कहा कि जब भी वे उस मार्ग से गुजरते हैं, शहीदों को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि शहीद किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के थे और उनके बलिदान को राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है।
विजय शर्मा ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सरकार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में और केंद्र में गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज हुआ है और यह शहीद जवानों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने यह भी कहा कि झीरम घाटी में बने स्मारक पर रुककर उन्होंने संकल्प लिया था कि जिस दिन प्रदेश नक्सल समस्या से पूरी तरह मुक्त होगा, उस दिन शहीदों को औपचारिक श्रद्धांजलि दी जाएगी। उनके मुताबिक, इस संकल्प को भी कुछ लोग राजनीतिक चश्मे से देख रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में फिर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। नक्सल मुद्दा पहले भी चुनावी बहस का केंद्र रहा है और आने वाले समय में यह और अधिक सियासी रंग ले सकता है।



