दुर्ग। सरकारी नौकरी लगाने का सपना दिखाकर करोड़ों की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पद्मनाभपुर क्षेत्र निवासी प्रिया देशमुख से फर्जी नियुक्ति पत्र देकर कुल 1 करोड़ 66 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में सरगुजा निवासी रजत गुप्ता, उसकी पत्नी अमोलक्ष्मी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC 420) का प्रकरण दर्ज किया गया है।
थाना प्रभारी राजकुमार लहरे के मुताबिक, प्रिया वर्ष 2022 में आरोपी रजत के संपर्क में आई थी। रजत ने दावा किया कि उसकी पत्नी मंत्रालय में कार्यरत है और वह उच्च पदों पर सरकारी नियुक्ति दिलवा सकती है। भरोसे में आई पीड़िता से रजत ने पहले 45 लाख रुपये लिए और फिर किस्तों में राशि वसूलते हुए कुल 1.66 करोड़ रुपये ठग लिए।
पीड़िता को पहले नायब तहसीलदार पद की नियुक्ति का झांसा दिया गया, लेकिन बाद में नारायणपुर जिले में खाद्य निरीक्षक पद पर जॉइनिंग लेटर दिया गया। यह लेटर 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने के वक्त जारी किया गया था, जिससे उसकी वैधता पर पहले से ही संदेह था। बाद में आरोपी ने ज्वाइनिंग तिथि निकल जाने की बात कहकर पैसा हड़प लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बलौदाबाजार, बिलासपुर और अंबिकापुर में भी कई लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर लगभग 4.5 करोड़ रुपये की ठगी की है। संभावना है कि अन्य पीड़ित भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।



