हजारों वोट, अरबों की कमाई: गैर-मान्यता प्राप्त दलों की आमदनी में 223% की उछाल, 73% पार्टियों ने छुपाई जानकारी

Madhya Bharat Desk
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नई दिल्ली।देश में नाममात्र की राजनीतिक पकड़ रखने वाले पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPP) की आमदनी में वर्ष 2022-23 के दौरान 223% की तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है। यह खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताज़ा रिपोर्ट में हुआ है, जो भारत में राजनीतिक पारदर्शिता पर नज़र रखने वाला एक स्वतंत्र गैर-सरकारी संगठन है।

रिपोर्ट के अनुसार, देश में ऐसी 2764 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियां हैं, जिनमें से केवल 739 (लगभग 27%) ने ही अपना वित्तीय ब्योरा सार्वजनिक किया है। शेष 2025 दलों (73%) ने अपनी आर्थिक जानकारी पूरी तरह से छिपा रखी है।

गुजरात की 5 पार्टियों पर नजर, कम वोट—बड़ी रकम

गुजरात की 5 ऐसी पार्टियां जो सिर्फ 22,000 वोट ही जुटा पाईं, उन्होंने कुल मिलाकर ₹2,316 करोड़ की आय दिखाई है। इनमें से एक साल में ही किसी एक दल ने ₹1158 करोड़ अर्जित किए। इन दलों ने 2019 से 2024 के बीच दो लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव में कुल 17 उम्मीदवार खड़े किए, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाए।

पार्टी नाम कुल वोट आय (₹ करोड़ में)
भारतीय नेशनल जनता दल 11,496 957
न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी 9,029 608
सत्यवादी रक्षक पार्टी 1,042 416
जन मन पार्टी 480 134
सौराष्ट्र जनता पार्टी 140 200

राज्यवार पार्टियों की जानकारी देने की स्थिति:

राज्य कुल पार्टियां जानकारी नहीं दी
उत्तर प्रदेश 744 71
दिल्ली 240 168
तमिलनाडु 230 180
महाराष्ट्र 216 161
बिहार 184 117
आंध्र प्रदेश 129 89
मध्य प्रदेश 107 65
हरियाणा 102 77
गुजरात 95 59
कर्नाटक 92 56

पंजाब, उत्तराखंड और गोवा जैसी जगहों पर भी दर्जनों गैर-मान्यता प्राप्त दल हैं, लेकिन वहां से एक भी दल ने वित्तीय विवरण नहीं भेजा।

ADR कौन है और क्यों मायने रखता है?

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) भारत में राजनीतिक पारदर्शिता के लिए काम करने वाला प्रतिष्ठित NGO है। इसकी स्थापना 1999 में IIM अहमदाबाद के प्रोफेसरों और छात्रों द्वारा की गई थी। ADR नेताओं और पार्टियों की आय, खर्च, संपत्ति और आपराधिक पृष्ठभूमि की रिपोर्ट तैयार करता है ताकि मतदाता बेहतर निर्णय ले सकें।

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