महाराष्ट्र में भाषा को लेकर गरमाई सियासत के बीच बुलढाणा से शिंदे गुट के शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने ठाकरे भाइयों—राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे—पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने छत्रपति संभाजी महाराज का उदाहरण देते हुए कहा कि वे एक विद्वान और बहुभाषी सम्राट थे, जिन्होंने 16 भाषाएं सीखी थीं।
गायकवाड़ ने कहा, “क्या संभाजी महाराज मूर्ख थे जो उन्होंने इतनी भाषाएं सीखी? तारा बाई और जिजाबाई ने भी अनेक भाषाओं में दक्षता हासिल की, जिनमें हिंदी भी शामिल थी। क्या वे भी मूर्ख थीं?” यह बयान उन्होंने मुंबई में ठाकरे भाइयों की साझा रैली के अगले दिन दिया।
20 साल बाद एकजुट हुए ठाकरे बंधु 20 वर्षों बाद पहली बार उद्धव और राज ठाकरे ने साझा मंच साझा किया और नई शिक्षा नीति के तहत राज्य में हिंदी को बढ़ावा देने की नीति का विरोध किया। रैली में कहा गया कि महाराष्ट्र में मराठी को पीछे धकेलने और हिंदी थोपने की साजिश हो रही है।
‘भाषा सीखना ज्ञान है, न कि थोपना’ गायकवाड़ ने जवाबी हमला करते हुए कहा, “जितनी भाषाएं आएं उतना अच्छा। उर्दू भी आनी चाहिए अगर हमें आतंकवाद समझना है। भाषा राजनीति का नहीं, समझदारी और संवाद का माध्यम है।” इतिहासकारों के अनुसार भी संभाजी महाराज को संस्कृत, फारसी, मराठी, हिंदी और अन्य भाषाओं में गहरा ज्ञान था।



