पिरदा शराब दुकान में अधिक कीमत वसूलने का आरोप, निगरानी व्यवस्था पर सवाल

Madhya Bharat Desk
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रायपुर के पिरदा स्थित विदेशी मदिरा दुकान में दीपावली के दौरान ओवररेटिंग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। दुकान प्रभारी अरविंद साहू के प्रभार वाली इस दुकान में गोवा ब्रांड की 180 ML शराब को निर्धारित शासकीय दर ₹120 के बजाय ₹130 में बेचने का वीडियो सामने आने के बाद उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली का मामला चर्चा में है।

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राहकों से प्रत्येक बोतल पर ₹10 अधिक लिए जाने का आरोप है। शासकीय दरों के अनुसार शराब की बिक्री होनी चाहिए, लेकिन इस दुकान में कथित तौर पर निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूले जाने की घटना ने दुकान संचालन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दुकान प्रभारी पर सवाल

पिरदा विदेशी मदिरा दुकान के प्रभारी अरविंद साहू की भूमिका और जवाबदेही पर अब बड़े सवाल उठ रहे हैं। दुकान में निर्धारित दर पर बिक्री सुनिश्चित करना और ओवररेटिंग जैसी अनियमितताओं को रोकना दुकान प्रबंधन की प्रमुख जिम्मेदारी मानी जाती है।

सवाल यह है कि क्या दुकान प्रभारी को इस कथित ओवररेटिंग की जानकारी थी? यदि जानकारी नहीं थी, तो दुकान की दैनिक निगरानी में कहां कमी रही? वहीं, यदि जानकारी थी, तो इसे रोकने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए, यह भी स्पष्ट नहीं है।

निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

इस मामले में केवल दुकान प्रभारी ही नहीं, बल्कि निगरानी और प्रबंधन से जुड़े अन्य पदों पर बैठे जिम्मेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। दुकान प्रभारी अरविंद साहू के अलावा सुपरवाइजर देवा जांगड़े, एरिया मैनेजर चंद्रशेखर सिंह उर्फ विक्की सिंह और जिला समन्वयक परितोष कश्यप की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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यदि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक नहीं पहुंची, तो निगरानी व्यवस्था में चूक कहां हुई, यह तय करना जरूरी है। वहीं, यदि जानकारी मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, तो जवाबदेही और भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

कमीशन के आरोपों की जांच जरूरी

मामले को लेकर कमीशन और प्रतिशत के आधार पर कथित लेन-देन की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए आबकारी विभाग को इस पहलू की भी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करनी चाहिए।

ओवररेटिंग केवल उपभोक्ताओं की आर्थिक रूप से लूट नहीं है, बल्कि यह शासकीय नियमों और विभागीय निगरानी व्यवस्था की विफलता भी दर्शाता है। छत्तीसगढ़ में इस तरह के मामलों पर पहले भी कार्रवाई होती रही है; ओवररेटिंग के एक मामले में आबकारी विभाग ने दो उप निरीक्षकों को निलंबित करने की कार्रवाई की थी।

आबकारी विभाग से सवाल

इस मामले में आबकारी विभाग से कई सीधे सवाल उठ रहे हैं। क्या ₹120 की गोवा शराब को ₹130 में बेचने के वीडियो की जांच होगी? क्या दुकान प्रभारी अरविंद साहू से जवाब मांगा जाएगा? क्या सुपरवाइजर और एरिया मैनेजर की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा होगी?

साथ ही, यदि ओवररेटिंग की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी, यह भी स्पष्ट होना चाहिए। आबकारी विभाग ने ओवररेटिंग की शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 14405, हेल्प डेस्क 07712439600 और व्हाट्सएप नंबर 9424102102 भी जारी रखे हैं।

जनता का सवाल

दीपावली खुशियों का त्योहार है, उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली का नहीं। पिरदा विदेशी मदिरा दुकान से सामने आया यह मामला आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

अब देखना होगा कि छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दुकान प्रभारी अरविंद साहू सहित संबंधित निगरानी अधिकारियों से जवाब तलब करता है या नहीं। जनता का सीधा सवाल है कि जब शासकीय दर निर्धारित है, तो पिरदा शराब दुकान में अतिरिक्त वसूली का खेल आखिर कैसे चल रहा है?

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