अयोध्या/रायपुर।अयोध्या में आयोजित उत्तर प्रदेश छात्र संसद में छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। नंदिनी निकेतन, अयोध्या में 2 और 3 नवंबर को हुए इस आयोजन में देश के 20 राज्यों से 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर की ओर से प्रवीण देवांगन, पंकज लकरा, सुषमा अग्रवाल और गीतांजलि निषाद ने भाग लिया, जबकि बस्तर विश्वविद्यालय से शरदलाल कश्यप ने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। आयोजन के दौरान सभी प्रतिभागियों को मेडल और प्रमाणपत्र भी दिए गए।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की उपलब्धियों और प्रभाव पर हुई चर्चा में प्रवीण देवांगन ने नीति के पक्ष में तर्क रखे। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में मातृभाषा आधारित शिक्षा और बहुभाषी शिक्षण के उदाहरणों का उल्लेख किया। शरदलाल कश्यप ने भी शिक्षा व्यवस्था में आ रहे सकारात्मक परिवर्तनों और नीति की सफलता पर अपने विचार व्यक्त किए।


गीतांजलि निषाद ने कौशल विकास, विषय चुनने की आजादी और रोजगारपरक शिक्षा के महत्व पर अपनी बात रखी। पंकज लकरा ने शिक्षकों की कमी तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सामने मौजूद चुनौतियों को सदन के सामने उठाया। वहीं सुषमा अग्रवाल ने विपक्ष की भूमिका निभाते हुए शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर प्रश्न और तर्क प्रस्तुत किए।


उत्कृष्ट सहभागिता और समर्पण के लिए गीतांजलि निषाद को ‘Best Devoted Award’ से सम्मानित किया गया। छात्र संसद के दौरान छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पोशाक पहनकर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने खूब सराहना की।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की संस्कृति और पहचान को उजागर करना प्रतिनिधिमंडल के लिए गर्व का विषय रहा। इस भागीदारी के जरिए छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने शिक्षा, लोकतांत्रिक संवाद और युवा नेतृत्व के क्षेत्र में प्रदेश की बेहतर छवि स्थापित की।






