छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में कई दिनों से रिहायसी इलाकों में विचरण कर रही मादा भालू और उसका सफेद शावक आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गए। दोनों को सिद्धबाबा बिजली सब-स्टेशन के पास लगाए गए पिंजरे में पकड़ा गया।
पिछले कई दिनों से यह मादा भालू अपने शावक के साथ शहर के अलग-अलग वार्डों और आबादी के पास घूम रही थी। भालू के आने की सूचना मिलते ही लोग घरों में बंद हो जाते थे और रात में बाहर निकलने से बचते थे। वन विभाग ने लोगों को लगातार सतर्क रहने और भालू के करीब न जाने की सलाह दी थी।
वन विभाग ने भालू परिवार को पकड़ने के लिए कई स्थानों पर पिंजरे लगाए थे और पेट्रोलिंग टीमें लगातार निगरानी कर रही थीं। विभाग का उद्देश्य था कि मादा भालू और शावक को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर घने जंगल में छोड़ा जाए।
इससे पहले भी मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में भालूओं के विचरण से दहशत का माहौल बना रहा था। वन विभाग ने शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक लोगों को घर से बाहर न निकलने और घर के बाहर रोशनी रखने की सलाह दी थी।
पकड़े गए मादा भालू और सफेद शावक की स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें वन विभाग द्वारा सुरक्षित जंगली क्षेत्र में छोड़ने की संभावना है। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रखना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना दोनों प्राथमिकता है।





