इमली-महुआ-आम अब बनेंगे बस्तर की पहचान, 930 महिलाओं को मिला जैविक प्रमाणन का तोहफा

Madhya Bharat Desk
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दंतेवाड़ा जिले की माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड को राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) के तहत जैविक प्रमाणपत्र मिल गया है। छत्तीसगढ़ प्रमाणीकरण समिति (CGCERT) द्वारा दिए गए इस प्रमाणपत्र से बस्तर की इमली, महुआ और आम जैसे वनोपजों को देश के प्रीमियम जैविक बाजारों तथा विदेशी निर्यात बाजारों तक पहुँचने का अवसर मिलेगा। राज्य में वनोपजों के लिए यह प्रमाणन पाने वाली यह पहली महिला किसान उत्पादक कंपनी बताई जा रही है।

कंपनी से इस समय 930 महिलाएँ जुड़ी हुई हैं, जिनमें अधिकांश जनजातीय समुदायों की हैं। आगामी समय में इनकी संख्या बढ़कर लगभग 2,100 होने की संभावना है। जैविक प्रमाणन मिलने के बाद वनोपजों की बाजार कीमत और पहुँच बेहतर होने से इन महिलाओं की आय बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में यह पहल अंजाम दी गई। CGCERT के अध्यक्ष अरुण कुमार पाण्डेय के निर्देशन में प्रमाणीकरण की सभी प्रक्रियाएँ पूरी कराई गईं, जबकि सीईओ अनिमेष गोवर्धन ने आवश्यक तकनीकी समन्वय सुनिश्चित किया।

भविष्य में इस पहल को बस्तर संभाग के लगभग 10 हजार PGS से जुड़े किसानों और अन्य महिला किसान उत्पादक कंपनियों तक विस्तारित करने की योजना है। इससे बस्तर को जैविक वनोपजों के उत्पादन और निर्यात का बड़ा केंद्र बनाने के साथ ही हजारों जनजातीय परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने की संभावना है।

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