रायपुर।छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के पूर्व कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा 12 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया गया है।
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कुलसचिव के विरुद्ध छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक नियमों के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों एवं आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई है। आदेश में उल्लेख है कि विश्वविद्यालय के कुलसचिव के विरुद्ध विभिन्न मामलों में जांच तथा आपराधिक प्रकरण से जुड़ी कार्रवाई का संदर्भ लिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि भूपेंद्र कुलदीप ने बिना कुलपति के अनुमोदन तथा आदेश के अपने स्तर पर कुलपति के अधिकारों का प्रयोग किया। इसे गंभीर अनियमितता एवं छत्तीसगढ़ शासकीय सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया है।
आदेश में भूपेंद्र कुलदीप के विरुद्ध थाना मोहन नगर, दुर्ग में 3 अगस्त 2026 को दर्ज अपराध क्रमांक 0550/2026 का भी उल्लेख किया गया है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने अर्द्धकुशल दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी श्रीमती शुभांगी मराठे को विश्वविद्यालय निधि से प्राप्त वेतन में से प्रतिमाह वेतन प्राप्ति के बाद वेतन का बड़ा हिस्सा अपने बेटे के खाते में ट्रांसफर कराया जाता था। इस प्रकार कुल 1,49,384 रुपये अपने बेटे के खाते में ट्रांसफर कर लिए जाने का आरोप है।


विश्वविद्यालय द्वारा समिति गठित कर जांच की गई। जांच दस्तावेजों के अवलोकन से यह पाया गया कि भूपेंद्र कुलदीप द्वारा शासकीय सेवक होते हुए आपराधिक न्यास भंग किया गया, जो भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(4) के अंतर्गत अपराध बनता है। इसके आधार पर अपराध पंजीबद्ध किया गया। 3 अगस्त को उन्हें गिरफ्तार किया गया तथा वर्तमान में वे जमानत पर हैं।
भूपेंद्र कुलदीप पर गलत तरीके से फर्जी पीएचडी डिग्री हासिल करने, उनकी प्रेमिका के पति के साथ व्यक्तिगत झगड़े में सरकारी कार को तुड़वाने तथा उसकी मरम्मत के फर्जी बिल प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय के परीक्षा मद से रकम हड़पने के आरोप भी लगे हैं।
इनमें से पीएचडी प्रकरण की जांच निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने की है। कार प्रकरण की जांच के लिए आयुक्त, उच्च शिक्षा ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित की, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग की क्षेत्रीय संचालक डॉ. (श्रीमती) अनुपमा अस्थाना तथा वी.वाय.टी. साइंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय सिंह सदस्य थे।
जांच समिति ने अपनी जांच में सभी आरोपों की पुष्टि की है। समिति की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि—
- कुलसचिव द्वारा शासकीय वाहन सीजी-02-6681 का नियमों के विरुद्ध निजी उपयोग किए जाने की पुष्टि होती है।
- कुलसचिव ने दुर्घटनाग्रस्त कार की मरम्मत के लिए सभी नियमों की अवहेलना की तथा तथ्यों एवं बिल-वाउचर को गलत तरीके से प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय की शासकीय राशि का दुरुपयोग किया है।
- कुलसचिव ने वाहन की मरम्मत के लिए किसी भी प्रकार का बीमा दावा नहीं कराकर विश्वविद्यालय के मद से मरम्मत कराई, जिससे शासकीय राशि का दुरुपयोग हुआ।
- कुलसचिव द्वारा वाहन सीजी-02-6681 के ओडोमीटर में अनाधिकृत रूप से लगभग 5,000 किलोमीटर कम कराई गई, जो शासकीय वाहन में छेड़छाड़ एवं कूटरचना सिद्ध होती है।
- दुर्घटनाग्रस्त कार की मरम्मत बाबू डेंटिंग-पेंटिंग पावर हाउस से कराई गई, लेकिन शुक्ला इंटरप्राइजेज एंड स्टारनेट के फर्जी बिल प्रस्तुत कर भुगतान की प्रक्रिया की गई, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता को दर्शाती है।
जांच समिति ने विश्वविद्यालय के मद से भुगतान की गई राशि कुलसचिव से वसूली करने तथा ओडोमीटर में छेड़छाड़ के मामले में विधिक कार्यवाही किए जाने की अनुशंसा की थी।
शासन ने छत्तीसगढ़ राज्य सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत भूपेंद्र कुलदीप को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार, उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित प्रकरण में विभागीय जांच की प्रक्रिया पृथक रूप से संचालित की जाएगी तथा आरोप पत्र पृथक रूप से जारी किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस आदेश पर अवर सचिव राजेश तिग्गा के डिजिटल हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों एवं हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग को आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए भेजी गई है।





