जगदलपुर। गांधी जयंती के मौके पर बस्तर जिले की 100 ग्राम पंचायतों में बाल संरक्षण और बाल विवाह रोकने को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान हुई ग्रामसभाओं में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पंचायत से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ अपने गांव को बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी से मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
यह अभियान चेतना चाइल्ड एंड वूमेन वेलफेयर सोसायटी, बस्तर और जेआरसी (जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन) के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य गांवों को बच्चों के लिए सुरक्षित और बेहतर माहौल वाला बनाना है।
ग्रामसभाओं में ग्रामीणों को बताया गया कि कम उम्र में शादी सिर्फ एक सामाजिक बुराई नहीं है, बल्कि इसका बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य पर भी गंभीर असर पड़ता है। बच्चों को कम उम्र में शादी से बचाना और उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अभियान के दौरान यह भी बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा सिर्फ सरकार या सामाजिक संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें परिवार, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, युवा और आम लोगों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है।
बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के लिए गांव स्तर पर निगरानी और सतर्कता बढ़ाने की अपील की गई। ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षकों से कहा गया कि वे बच्चों की गतिविधियों और उनकी सुरक्षा पर नजर रखें।
यदि किसी बच्चे के साथ हिंसा, शोषण या बाल विवाह जैसी घटना सामने आती है तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत संबंधित विभाग को इसकी जानकारी देने की अपील की गई। अभियान के जरिए बस्तर की ग्राम पंचायतों को सुरक्षित और बाल हितैषी बनाने के लिए सभी लोगों से मिलकर काम करने का आह्वान किया गया।





