2023 में एमपी चुनाव में वोट चोरी से छीनी गई कमलनाथ की जीत: राहुल गांधी

Madhya Bharat Desk
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कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के नतीजों पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इतने बड़े पैमाने पर वोट चोरी की शुरुआत मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से हुई और उनकी टेक्निकल एक्सपर्ट टीम ने पहले ही साफ कर दिया था कि ऐसे नतीजे आ ही नहीं सकते। राहुल गांधी के इस वक्तव्य से एक बार फिर यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस पार्टी कमलनाथ के नेतृत्व में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव जीत रही थी, लेकिन वोट चोरी के जरिए कमलनाथ जैसे कुशल रणनीतिकार को हराया गया।

राहुल गांधी ने अपने बयान में चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि 2018 में जब कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश में जीत हासिल की थी, तब कांग्रेस के दबाव में चुनाव आयोग ने 24 लाख फर्जी मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाया था। वहीं 2023 के चुनाव में शिकायतें सामने आने के बावजूद फर्जी वोटरों को नहीं हटाया गया। चुनाव के बाद चुनाव आयोग ने बाद में खुद माना कि मध्य प्रदेश में करीब 33 लाख फर्जी वोटर थे।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने 230 सदस्यीय विधानसभा में 163 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि कांग्रेस केवल 66 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई थी।  इस चुनाव में वोटिंग प्रतिशत 76.22 रहा था, जो 2018 के चुनाव के 74.97 प्रतिशत से अधिक था।  भाजपा को 48.55 प्रतिशत वोट शेयर मिला, जबकि कांग्रेस को 40.40 प्रतिशत वोट मिले।  कमलनाथ अपने गढ़ छिंदवाड़ा सीट से जीत दर्ज करने में सफल रहे थे, जहां उन्होंने भाजपा के विवेक बंटी साहू को 36,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया था।

राहुल गांधी के अनुसार मध्य प्रदेश विधानसभा 2023 से शुरू हुई लोकतंत्र की हत्या आज ईवीएम और वोटर लिस्ट के जरिए करोड़ों वोटरों की हत्या तक पहुंच गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी चुनाव के तुरंत बाद ईवीएम की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए थे और पोस्टल बैलेट के आंकड़े साझा करते हुए बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया था।

कांग्रेस पार्टी के लिए यह चुनावी हार विशेष रूप से चौंकाने वाली रही क्योंकि 2018 के चुनाव में पार्टी ने 114 सीटें जीती थीं और सरकार बनाई थी।  2023 के चुनाव में पार्टी की सीटें घटकर 66 रह गईं, जो 48 सीटों की कमी को दर्शाता है।

राहुल गांधी के इस बयान के बाद अब कांग्रेस पार्टी मध्य प्रदेश चुनाव 2023 के नतीजों को लेकर एक बार फिर से सवाल खड़े कर रही है और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर आरोप लगा रही है। पार्टी का मानना है कि तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि इतने बड़े अंतर से हार संभव नहीं है, लेकिन फिर भी नतीजे कांग्रेस के खिलाफ आए।

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