हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप के वित्तीय अधिकार वापस लेने का निर्णय लिया है। आगामी आदेश तक विश्वविद्यालय के भुगतान संबंधी प्रपत्रों और बैंकिंग संव्यवहारों में कुलसचिव के हस्ताक्षर मान्य नहीं होंगे। अब वित्त अधिकारी के साथ द्वितीय अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के रूप में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. नीलू श्रीवास्तव को अधिकृत किया गया है।
यह फैसला कुलसचिव के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद लिया गया है। कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय के वित्तीय हित, प्रशासनिक निष्पक्षता और वित्तीय अभिलेखों की सुरक्षा को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की है। विश्वविद्यालय ने मामले की जानकारी उच्च शिक्षा संचालनालय के आयुक्त को देते हुए मार्गदर्शन भी मांगा है।
बैठक के दौरान कुलसचिव के वित्तीय कामकाज में बने रहने को लेकर चर्चा हुई। सदस्यों की लिखित सहमति के बाद उन्हें संबंधित विषय की चर्चा से अलग कर दिया गया और डॉ. नीलू श्रीवास्तव को प्रभारी सचिव बनाया गया।
इधर, विश्वविद्यालय के पिछले तीन वर्षों के वित्तीय लेन-देन का ऑडिट कराने की मांग भी उठी है। वित्तीय अभिलेख, बैंक दस्तावेज, कैशबुक और क्रय संबंधी नस्तियों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। सत्र 2024-25 की परीक्षाओं से जुड़ी करीब 92.10 लाख रुपए की भुगतान राशि सहित अन्य खर्चों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी सामने आई है।







