कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता, पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और पांच बार के विधायक आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित उनके घर से लगे TMC कार्यालय में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
पुलिस को शव के पास से एक पन्ने का सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें आशीष बनर्जी ने लिखा है कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने यह भी लिखा कि अब उन्हें लगता है कि राजनीति में आना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी।
सुसाइड नोट में बनर्जी ने तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) में खुद को नजरअंदाज किए जाने और उनकी छवि खराब करने की कथित कोशिशों का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि वह कभी किसी तरह के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहे, इसके बावजूद उन्हें अपमान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
उन्होंने अपने परिवार की आने वाली पीढ़ियों को राजनीति से दूर रहने की सलाह भी दी है। उनके इस कदम की खबर सामने आने के बाद समर्थकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं में शोक का माहौल है।
75 वर्षीय आशीष बनर्जी वर्ष 2001 से 2026 तक रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा उम्मीदवार ध्रुव साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।






