छिंदवाड़ा स्थित आदर्श गौशाला में बड़ी संख्या में गोवंश की मृत्यु के मामले को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताते हुए पूरे मामले की गंभीर जांच कराने तथा गौशालाओं की व्यवस्था में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
कमलनाथ ने अपने पत्र में लिखा है कि विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी के अनुसार जुलाई माह के प्रारंभिक 19 दिनों में लगभग 43 गोवंश की मृत्यु हुई, जबकि महीने के अंत तक मृत गोवंश की संख्या 90 से अधिक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि यदि यह जानकारी सही है तो यह प्रदेश में गौ-संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि घटना के दौरान गौशाला में पशु चिकित्सकों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति नहीं रही। उनका कहना है कि पर्याप्त निगरानी, समय पर उपचार और आवश्यक व्यवस्थाओं के अभाव में इतनी बड़ी संख्या में गोवंश की मौत होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
कमलनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गोवंश का महत्वपूर्ण स्थान है। गौशालाओं की स्थापना का उद्देश्य गोवंश का संरक्षण और संवर्धन है, लेकिन यदि वहीं चारा, स्वच्छ पेयजल, उपचार और समुचित देखभाल के अभाव में गोवंश की मृत्यु हो रही है, तो यह बेहद गंभीर स्थिति है।

उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया कि इस संवेदनशील विषय पर तत्काल प्रभावी निर्णय लेते हुए दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही प्रदेश की सभी गौशालाओं में पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, नियमित पशु चिकित्सा सेवाएं, कर्मचारियों की उपस्थिति और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कमलनाथ ने अपने पत्र के अंत में आशा जताई कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गोवंश संरक्षण के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएगी।






