छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के खड़का गांव में धर्मांतरण को लेकर विवाद गहरा गया है। ईसाई धर्म अपनाने वाले दो परिवारों को गांव छोड़ने का दबाव बनाया गया। ग्रामीणों ने उनके घरों से सामान बाहर निकाल दिया, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया है।
जानकारी के अनुसार, आदिवासी समुदाय के लोगों का कहना है कि धर्मांतरण कर चुके परिवार गांव के सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में अन्य ग्रामीणों की तरह भाग लें, चंदा दें और आदिवासी देवी-देवताओं व पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करें।

वहीं, प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे गांव के सामाजिक कार्यक्रमों के लिए साल में एक बार चंदा देने को तैयार हैं, लेकिन आदिवासी धार्मिक परंपराओं का पालन नहीं करेंगे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले नारायणपुर के भरण्डा गांव में भी 26 धर्मांतरित परिवारों को गांव छोड़ने का फरमान सुनाए जाने का मामला सामने आया था। वहां भी ग्रामीणों ने धर्मांतरण कर चुके लोगों से पारंपरिक आदिवासी संस्कृति अपनाने या गांव छोड़ने की बात कही थी।





