जगदलपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव दुर्गेश राय ने सुकमा जिले की खराब सड़कों और धीमी विकास रफ्तार को लेकर भाजपा सरकार, जिले के प्रभारी मंत्री और क्षेत्रीय सांसद पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि केशलूर से तोंगपाल तक जर्जर सड़क पर सफर कर सिर्फ फोटो खिंचवाने पहुंचने वाले मंत्री और सांसद आखिर सुकमा में किस विकास की बात कर रहे हैं।
दुर्गेश राय ने कहा कि सुकमा जिले की लाइफलाइन मानी जाने वाली केशलूर-तोंगपाल सड़क की हालत बेहद खराब है, लेकिन भाजपा के मंत्री और सांसद इस मुद्दे पर बात तक नहीं करते। उन्होंने कहा कि दोनों जनप्रतिनिधि लग्जरी गाड़ियों में इसी खराब सड़क से होकर सुदूर गांवों तक पहुंचे, लेकिन सड़क सुधार को लेकर कोई पहल नहीं दिखी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री और सांसद सिर्फ अपनी मौजूदगी दिखाने और फोटो सेशन के लिए सुकमा आते हैं। दौरे के नाम पर सरकारी खर्च होता है, लेकिन जिले को इसका कोई फायदा नहीं मिलता। राय ने कहा कि अगर जनप्रतिनिधियों को सुकमा की जनता की चिंता होती, तो आज किसानों और आम लोगों को डीजल, पेट्रोल और खाद के लिए लंबी लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ता।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले कांग्रेस सरकार के समय तेंदूपत्ता संग्रहण, गोठान, जैविक खाद निर्माण, सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन और वनोपज से लोगों की अच्छी आमदनी होती थी। राजीव मितान क्लबों के जरिए युवाओं को खेल और सामाजिक गतिविधियों के लिए भी मदद मिलती थी। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने इन योजनाओं को बंद कर लोगों को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया।
दुर्गेश राय ने कहा कि आज सुकमा में स्वास्थ्य सुविधाएं भी बदहाल हैं। अस्पतालों में डॉक्टरों और जरूरी संसाधनों की कमी है, जिससे लोगों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
धान खराब होने के मुद्दे पर भी उन्होंने भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही से करोड़ों रुपये के धान का नुकसान हुआ। किसान खाद के लिए परेशान हैं, व्यापारी जीएसटी से परेशान हैं और युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं।
राय ने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री और सांसदों के लिए सुकमा सिर्फ एक “प्रयोग का मैदान” बनकर रह गया है—आओ, फोटो खिंचवाओ और नंबर बढ़ाओ। उन्होंने कहा कि केशलूर से तोंगपाल रोड पर ध्यान नहीं दिया गया तो बारिश में सड़क पूरी तरह बंद हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य, व्यापार और आम जनजीवन पर बड़ा असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि अब देखना होगा कि ट्रिपल इंजन सरकार के मंत्री, नेता और सांसद सुकमा की जनता के लिए कितना काम करते हैं। अगर हालात नहीं सुधरे तो लोग विकास सिर्फ कागजों और भाषणों में ही ढूंढते रह जाएंगे।






