केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार जॉर्ज कुरियन अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा नहीं रहेंगे। उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा, जिसके बाद उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा।
जॉर्ज कुरियन केरल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वे केंद्र की मोदी सरकार में ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र मंत्री थे। उन्हें केरल में राजनीतिक समीकरणों और चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए राज्यसभा के माध्यम से संसद में लाया गया था।
राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन बाद ही उन्होंने अपना त्यागपत्र सौंप दिया, जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी।
कुरियन के इस्तीफे के बाद अब केंद्र सरकार में उनके विभागों की जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।







