जन सुराज पार्टी के संस्थापक और रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) ने पार्टी की आगामी रणनीति का ऐलान करते हुए कहा कि प्रस्तावित 243 विधानसभा क्षेत्रों में से 90% उम्मीदवार पहली बार चुनावी राजनीति में उतरेंगे ।
यह जानकारी देते हुए बताया कि यह उनकी पार्टी की deliberate (जागरूक) रणनीति का हिस्सा है। पीके ने कहा कि सीधे गली-मोहल्लों से नए चेहरे सामने आएंगे; वे उन लोगों को चुने जाएंगे जिनका स्थानीय पहचान और जनसंपर्क मजबूत होगा। पीके ने स्पष्ट किया: “हम लूटने वालों को टिकट नहीं देंगे।”
उनका कहना था कि उम्मीदवारों का चयन जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर नहीं, बल्कि स्थानीय जनाधार, ईमानदारी और क्षेत्रीय पकड़ के आधार पर होगा। इन नए उम्मीदवारों का मकसद होगा शिक्षा, रोजगार और आर्थिक विकास के मुद्दों पर चुनाव लड़ना।
उन्होंने यह भी बताया कि जन सुराज के दो प्रमुख संकल्प हैं:
1. बिहार से पलायन रोकना
2. 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को प्रत्येक माह ₹2,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करना
क्या इस रणनीति से सफलता मिल सकेगी?
- नए चेहरे: 90% नए उम्मीदवारों के साथ पार्टी चुनावी प्रतिस्पर्धा में ताजगी लेकर दस्तक देगी।
- स्थानीय जोर: गली-मोहल्लों से चुने गए प्रतिनिधि स्थानीय मुद्दों को बेहतर समझेंगे और जनता से जुड़ पाएंगे।
- स्पष्ट एजेंडे: पलायन रोकना, वृद्ध सहायता और रोजगार जैसी वादों से स्पष्ट पहचान बन रही है।
हालांकि, इस रणनीति की परीक्षा आगामी चुनावों में होंगी, खासकर जन सुराज की स्वीकार्यता और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से।
“हम गली-मोहल्लों से बनाएंगे उम्मीदवार, टिकट लूटने वालों को नहीं देंगे” – प्रशांत किशोर
आगामी टाइमलाइन
भविष्य के 1–2 महीनों में जन सुराज उम्मीद करता है कि राज्य के लगभग सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार तय हो जाएंगे।



