रायपुर के बीरगांव स्थित इतवारी बाजार में नगर निगम की अतिक्रमण कार्रवाई अब विवादों के घेरे में आ गई है। एक दुकानदार ने नगर निगम के उप-अभियंता एवं अतिक्रमण प्रभारी केवल चंद साहू पर दुकान बचाने के एवज में ₹20 हजार रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि रकम नहीं देने पर निगम की टीम ने बुलडोजर चलाकर उसकी दुकान को क्षतिग्रस्त कर दिया।
दुकानदार का कहना है कि कार्रवाई से पहले उसे कोई वैधानिक नोटिस नहीं दिया गया और न ही निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया। पीड़ित के अनुसार, पहले उसे कार्रवाई की चेतावनी दी गई और बाद में सीधे ₹20 हजार नकद देने की मांग की गई। जब वह रकम की व्यवस्था नहीं कर पाया तो निगम की टीम ने उसकी दुकान पर बुलडोजर चलाकर तोड़फोड़ कर दी।

दुकानदार का आरोप है कि इस कार्रवाई से उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। दुकान में रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं वर्षों की मेहनत से खड़ी की गई दुकान भी बुरी तरह प्रभावित हुई। घटना के बाद बाजार क्षेत्र में व्यापारियों के बीच नाराजगी और भय का माहौल है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। कई व्यापारियों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण कार्रवाई के नाम पर दबाव बनाने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। हालांकि अधिकांश व्यापारी खुलकर सामने आने से बच रहे हैं।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब व्यापारियों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उच्च अधिकारियों और भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों से हस्तक्षेप की अपील की। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पारदर्शी जांच नहीं हुई तो बाजार बंद कर आंदोलन किया जाएगा।
दूसरी ओर, नगर निगम की ओर से दावा किया जा रहा है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमों के तहत की गई। वहीं पुलिस का कहना है कि रिश्वतखोरी से संबंधित कोई औपचारिक शिकायत मिलने पर तथ्यों के आधार पर जांच की जाएगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई वास्तव में अतिक्रमण हटाने के लिए की गई थी या फिर रिश्वत नहीं मिलने का परिणाम थी? इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल व्यापारी न्याय और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।







