एक पेड़ माँ के नाम अभियान: वन विभाग की 2.50 करोड़ से अधिक पौधरोपण की तैयारी पूरी

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ने बड़े पैमाने पर पौधरोपण की तैयारी पूरी कर ली है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में “एक पेड़ माँ के नाम” राष्ट्रीय महाअभियान के तहत वर्ष 2026 में यह अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की इस पहल के तहत राज्य को 2 करोड़ 50 लाख पौधों के रोपण और वितरण का लक्ष्य दिया गया है।

वन विभाग ने इस लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए कुल 2 करोड़ 59 लाख 23 हजार पौधों के रोपण और वितरण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इस अभियान की शुरुआत 5 जून 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) से हो चुकी है और इसे सितंबर 2026 तक पूरे प्रदेश के सभी वनमंडलों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने इस बार योजनाबद्ध तरीके से पूरे राज्य में बड़े स्तर पर पौधरोपण कराने की तैयारी की है।

वन विभाग की योजना के अनुसार विभिन्न योजनाओं जैसे विभागीय योजना, मनरेगा, कैम्पा और अन्य कार्यक्रमों के समन्वय से 6592 हेक्टेयर क्षेत्र और 22.90 किलोमीटर लंबाई में पौधरोपण किया जाएगा। इसके तहत लगभग 64 लाख 31 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेशभर में आम नागरिकों और संस्थाओं को 74 लाख 45 हजार पौधे वितरित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “किसान वृक्ष मित्र योजना” के तहत इस वर्ष किसानों की निजी भूमि पर भी बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत 17,670 एकड़ भूमि पर लगभग 1 करोड़ 20 लाख 47 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और साथ ही प्रदेश में हरियाली का दायरा बढ़ाना है।

वन विभाग ने पिछले वर्षों में भी पौधरोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। वर्ष 2025 में 1 करोड़ 65 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 3 करोड़ 55 लाख 45 हजार पौधे लगाए और वितरित किए गए। इस दौरान हसदेव, महानदी और शिवनाथ जैसी नदियों के किनारे भी बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया। वहीं “किसान वृक्ष मित्र योजना” के तहत 24,607 एकड़ भूमि पर 1 करोड़ 28 लाख से अधिक पौधे लगाए गए।

इसी तरह वर्ष 2024 में केंद्र सरकार द्वारा 2 करोड़ 75 लाख पौधों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले विभाग ने 3 करोड़ 50 लाख 68 हजार पौधे लगाए और वितरित किए। इस दौरान 43,423 एकड़ निजी भूमि पर बांस, सागौन, नीलगिरी और चंदन जैसी उच्च मूल्य वाली प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिला।

वन विभाग के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक लाभ सुनिश्चित करना भी है। नदी किनारे पौधरोपण से मिट्टी का कटाव रुकेगा, सड़क किनारे हरियाली बढ़ेगी और प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही किसानों को चंदन, सागौन और नीलगिरी जैसी प्रजातियों से भविष्य में आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है और लक्ष्य है कि सितंबर 2026 तक सभी कार्य पूर्ण कर “मेरी लाइफ (Meri LiFE)” पोर्टल पर डेटा अपलोड कर दिया जाए। इससे छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक बार फिर देश में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा।

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