रायपुर।जल जीवन मिशन में मल्टी विलेज योजनाओं को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों और अनियमितताओं के बीच मिशन के नए एमडी अब्दुल कैसर ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। शासन के हित में लेते हुए उन्होंने मल्टी विलेज योजनाओं के भुगतान पर रोक लगा दी है।
पूर्व में जल जीवन मिशन के तहत मल्टी विलेज परियोजनाओं को प्राथमिकता दिए जाने को लेकर लगातार शिकायतें सामने आई थीं।
आरोप थे कि गिने चुने मल्टी विलेज के ठेकेदारों और बाहरी राज्यों के ठेकेदारों को भुगतान में प्राथमिकता दी जा रही थी, जबकि सिंगल विलेज योजनाओं पर कार्य करने वाले हजारों छोटे ठेकेदारों के भुगतान लंबित पड़े थे।
आरोप है कि पूर्व में जितने भी अधिकारी थे उनका रुझान मल्टी विलेज का भुगतान करने में ज्यादा था क्योंकि वे 10 से 12 गिने चुने ठेकेदार को ही भुगतान कर रहे थे जिससे उन्हें एक मुश्त और ज्यादा पैसा मिलता था जिसके कारण सिंगल विलेज वालों का करोड़ों का पेमेंट उनको चला गया।
एक मल्टी विलेज परियोजना के अंतर्गत 50 से 100 तक सिंगल विलेज योजनाएं जुड़ी होती हैं। जल जीवन मिशन की संरचना के अनुसार मल्टी विलेज का कार्य गांव की मुहाने तक पाइप लाइन लाकर छोड़ना है फिर सिंगल विलेज के ठेकेदार उस पाइप को जोड़कर गांव को पानी वितरण करते हैं। परंतु सिंगल विलेज ठेकेदारों का कहना है कि पूर्व के अधिकारियों द्वारा सिंगल विलेज की बलि चढ़ा दी गई। यह योजना करीब एक से डेढ़ साल में खत्म हो जाता है जो भुगतान नहीं होने के कारण बत्तर हालात में पड़ा है ।
सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्षों में भुगतान का बड़ा हिस्सा मल्टी विलेज परियोजनाओं की ओर मोड़ दिया गया, जिससे सिंगल विलेज योजनाओं के ठेकेदारों का हजारों करोड़ रुपये का भुगतान प्रभावित हुआ। भुगतान नहीं मिलने के कारण कई स्थानों पर कार्य धीमे पड़ गए या पूरी तरह ठप हो गए।
पूर्व में हुए इन अनियमिताएं और विसंगतियों को देखते हुए नए एमडी अब्दुल कैसर ने मल्टी विलेज योजनाओं के भुगतान पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।





