रायपुर।छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। दुर्ग जिले की 68 सहकारी समितियों की जांच में रिकॉर्ड और असल स्टॉक के बीच करीब 27,900 क्विंटल धान का अंतर पाया गया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जैसे ही यह गड़बड़ी सामने आई, पूरे सिस्टम में हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन समितियों में धान कम पाया गया है, उन्हें 4 दिनों के अंदर या तो धान जमा करना होगा या उसकी राशि लौटानी होगी। ऐसा नहीं करने पर FIR दर्ज की जाएगी।
सबसे ज्यादा गड़बड़ी धमधा समिति में मिली है, जहां 4,646 क्विंटल धान कम पाया गया। वहीं जामगांव आर समिति भी जांच के दायरे में है। कुछ जगहों पर राशि जमा कर मामले को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल प्रशासन बाकी समितियों की भी गहराई से जांच कर रहा है। यह मामला सिर्फ रिकॉर्ड की गड़बड़ी नहीं, बल्कि धान उठाव और ट्रांसपोर्ट सिस्टम में अनियमितता की ओर भी इशारा कर रहा है।





