27 अगस्त 2025 को छत्तीसगढ़ से एक बेहद संवेदनशील और समाज को झकझोर देने वाली खबर सामने आई। भाजपा के पूर्व मंडल महामंत्री विशंभर यादव ने अपनी गंभीर बीमारी और आर्थिक तंगी से टूटकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है। यादव एक सड़क हादसे में घायल होकर स्थायी विकलांगता के शिकार हो गए थे। लंबे समय से चल रही बीमारी और इलाज के खर्चों ने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान कर दिया।
उनकी इस व्यथा ने पूरे समाज और राजनीतिक हलकों में गहरी सहानुभूति पैदा कर दी है। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तुरंत विशंभर यादव और उनकी पत्नी से फोन पर बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कठिन समय में यादव परिवार अकेला नहीं है। साथ ही उन्होंने रायपुर में उनके संपूर्ण इलाज की व्यवस्था करवाने का वादा भी किया।
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर भी अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए संस्कृत श्लोक—
“सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥”
लिखा, जिसका अर्थ है कि सभी लोग सुखी रहें, सभी लोग स्वस्थ रहें और किसी को भी दुख न मिले।
उन्होंने साफ कहा कि उनकी प्राथमिकता विशंभर यादव को बेहतर इलाज दिलाना और उन्हें स्वस्थ करना होगी। यह घटना न सिर्फ राजनीति की कठोरता को बल्कि मानवीय संवेदनाओं की गहराई को भी उजागर करती है। समाज के लिए यह एक संदेश है कि गंभीर परिस्थिति में इंसानियत और सहयोग सबसे बड़ा सहारा होता है।



