रायपुर। मुख्यमंत्री सचिवालय में कामकाज को और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का नया बंटवारा किया है। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी आदेश में वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही प्रदेश के पांचों संभागों के लिए भी अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
इस नए बदलाव के बाद मुख्यमंत्री की घोषणाओं, विकास कार्यों, जन शिकायतों और विशेष योजनाओं की निगरानी पहले की तुलना में ज्यादा व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी।
किस अधिकारी को मिली कौन-सी जिम्मेदारी?
मुख्यमंत्री सचिवालय में सबसे अहम जिम्मेदारी प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को दी गई है। राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, सर्वोच्च न्यायालय, नीति आयोग, लोकसभा, राज्यसभा और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी। इसके अलावा मंत्रिपरिषद, समन्वय, अखिल भारतीय सेवा (AIS) अधिकारियों, विभागाध्यक्षों, जन घोषणा पत्र, मुख्यमंत्री की विशेष परियोजनाओं और सीएम डैशबोर्ड की निगरानी भी वे करेंगे। सामान्य प्रशासन, वित्त, खनिज, विधि-विधायी और उद्योग विभाग भी उनके कार्यक्षेत्र में रहेंगे।
मुकेश कुमार बंसल को मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा के साथ कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, ऊर्जा, जल संसाधन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आबकारी और वन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। सचिवालय से जुड़े कई प्रशासनिक मामलों की देखरेख भी वे करेंगे।
पी. दयानंद मुख्यमंत्री सहायता कोष, विवेकाधीन निधि और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से जुड़े मामलों को संभालेंगे। उनके पास लोक निर्माण, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, जीएसटी, पंजीयन और संसदीय कार्य विभागों की जिम्मेदारी भी रहेगी।
राहुल भगत मुख्यमंत्री निवास से जुड़े समन्वय कार्यों के साथ गृह, जेल, परिवहन, संस्कृति, पर्यटन, खेल एवं युवा कल्याण, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण तथा अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग विकास विभागों की निगरानी करेंगे।
रजत बंसल को सुशासन तिहार, सूचना का अधिकार और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामोद्योग और विमानन विभाग भी उनके अधीन रहेंगे।
प्रभात मलिक जनदर्शन और जन शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था की निगरानी करेंगे। उनके पास राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, नगरीय प्रशासन, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, योजना, कौशल विकास एवं रोजगार तथा श्रम विभागों की जिम्मेदारी रहेगी।
पांचों संभागों के लिए बने नोडल अधिकारी
सरकार ने संभागवार निगरानी की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। अब प्रत्येक संभाग की योजनाओं, विकास कार्यों और लंबित मामलों की समीक्षा संबंधित नोडल अधिकारी करेंगे।
- रायपुर संभाग – मुकेश कुमार बंसल
- बिलासपुर संभाग – पी. दयानंद
- बस्तर संभाग – राहुल भगत
- सरगुजा संभाग – रजत बंसल
- दुर्ग संभाग – प्रभात मलिक
क्या होगा फायदा?
मुख्यमंत्री सचिवालय में किया गया यह बदलाव सिर्फ विभागों के बंटवारे तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसे प्रशासनिक निगरानी को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विभागवार और संभागवार जवाबदेही तय होने से योजनाओं की प्रगति पर नजर रखना आसान होगा। साथ ही जन शिकायतों के समाधान और मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं वाले कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।






