छत्तीसगढ़ पुलिस की एक कार्रवाई अब खुद उसके लिए मुश्किल बन गई है। डिजिटल अरेस्ट से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में गुवाहाटी पहुंची पुलिस टीम को असम पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
बताया जा रहा है कि इस टीम में थाना प्रभारी (TI) रविंद्र यादव समेत एक एएसआई, हवलदार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम का उद्देश्य आरोपियों को पकड़ना था, लेकिन मामला उस वक्त पलट गया जब असम पुलिस ने उन पर गंभीर आरोप लगा दिए।
असम पुलिस का दावा है कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक आरोपी को तो हिरासत में लिया, लेकिन दो अन्य आरोपियों को कथित रूप से 2.50 लाख रुपये लेकर छोड़ दिया। इस आरोप के बाद छोड़े गए आरोपियों की ओर से FIR दर्ज कराई गई, जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया।
फिलहाल, दोनों राज्यों की पुलिस आमने-सामने हैं और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। इस घटना ने पुलिस सिस्टम की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अब स्थिति ऐसी बन गई है कि एक राज्य की पुलिस को दूसरे राज्य की पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जा रहा है जो कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर संकेत माना जा रहा है।



