“कारीगर बचेगा तभी कश्मीर बढ़ेगा”—पहलगाम में बृजमोहन का विजन

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

रायपुर/पहलगाम।जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम में सोमवार को हुई एस्टीमेट कमेटी की बैठक सिर्फ एक औपचारिक चर्चा नहीं रही, बल्कि यहां विकास और जमीनी हकीकत को लेकर तीखे सवाल भी उठे। रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस दौरान बैंकिंग व्यवस्था, रोजगार और स्थानीय उद्योगों की स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी।

बैठक का मुख्य विषय था एमएसएमई और भारी उद्योगों के विकास में बैंकों की भूमिका। इसमें वित्त मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, एसबीआई, जम्मू-कश्मीर बैंक और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी शामिल हुए।

 “कागजों में योजनाएं, जमीन पर सुस्ती”

सांसद अग्रवाल ने सबसे पहले ऋण वितरण में आई गिरावट पर चिंता जताई। उन्होंने साफ कहा कि मुद्रा और स्वनिधि जैसी योजनाओं में रजिस्ट्रेशन तो हो रहे हैं, लेकिन लोगों तक पैसा पहुंचने की गति बेहद धीमी है।

उन्होंने बैंकों से 5 लाख, 10 लाख और 20 लाख तक के लोन का विस्तृत डेटा भी मांगा, ताकि असली लाभार्थियों की स्थिति स्पष्ट हो सके।

 “कारीगर बचेगा, तभी कश्मीर आगे बढ़ेगा”

स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक हुनर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे कारीगर धीरे-धीरे हाशिए पर जा रहे हैं। बड़े कारोबारी इस क्षेत्र पर कब्जा कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक कला को खतरा पैदा हो रहा है।

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि कारीगरों को बचाने और युवाओं को स्किल देने के लिए नई योजनाएं क्या हैं।

 खेती से आगे बढ़कर प्रोसेसिंग पर फोकस जरूरी

अग्रवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में फलों और सब्जियों की भरमार है, लेकिन फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स की कमी के कारण किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पाता।

उन्होंने बैंकों और उद्योग विभाग से पूछा कि वैल्यू एडिशन और प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

 धारा 370 के बाद अब रोजगार सबसे बड़ी चुनौती

धारा 370 हटने के बाद की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब असली चुनौती यहां के युवाओं को रोजगार से जोड़ना है।

उन्होंने सुझाव दिया कि हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर बड़े हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स और उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें।

 विश्वकर्मा योजना पर भी नाराजगी

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत हजारों रजिस्ट्रेशन होने के बावजूद कम लोन वितरण पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने प्रस्ताव रखा कि जम्मू-कश्मीर के लिए MSME आधारित एक विशेष विकास रोडमैप तैयार किया जाए।

 “अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे विकास”

बैठक के अंत में सांसद अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि जब तक बैंक और सरकारी विभाग मिलकर अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंचाएंगे, तब तक विकास अधूरा रहेगा।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment