खैरागढ़, 26 अप्रैल 2026: नगर पालिका परिषद खैरागढ़ में वार्ड नंबर 6 के नाली निर्माण और सीसी रोड कार्य को लेकर भ्रष्टाचार का मामला तेजी से गरमा रहा है।
भाजपा अध्यक्ष गिरिजा चंद्राकर ने फर्जी भुगतान का आरोप लगाते उच्च अधिकारियों को शिकायत दर्ज की है, लेकिन उनकी ही पार्टी की पार्षद मोनिका रजक ने दिसंबर 2025 में ही इन कामों को पूर्ण घोषित कर चुकी हैं। यह विवाद तकनीकी खामियों से कहीं ज्यादा आंतरिक तालमेल की कमी और राजनीतिक असहजता को उजागर कर रहा है।
अध्यक्ष गिरिजा चंद्राकर का स्पष्ट दावा है कि 3 मार्च 2026 को इन कार्यों का भुगतान कर दिया गया, जबकि दस्तावेजों में काम 12 मार्च से शुरू होने का उल्लेख है। नियमों के अनुसार भुगतान कार्य की प्रगति के आधार पर होना चाहिए, इसलिए ‘पहले पैसे, बाद में काम’ वाली यह स्थिति गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करती है। शिकायत मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और निरीक्षण टीम ने मौके पर जाकर जांच शुरू कर दी।

दूसरी ओर, वार्ड पार्षद मोनिका रजक ने लिखित प्रमाण-पत्र में पुष्टि की कि नाली निर्माण और सीसी रोड दिसंबर 2025 में ही पूरे हो चुके थे तथा 15 जनवरी 2026 तक सभी औपचारिकताएं समाप्त हो गईं।
उन्होंने काम की गुणवत्ता, स्थान सत्यापन और भुगतान अनुशंसा पर अपनी पूरी जिम्मेदारी लेते हुए हस्ताक्षर किए थे। अब बड़ा सवाल उठ रहा है—क्या अध्यक्ष ने शिकायत करने से पहले पार्षद से कोई चर्चा की? यह पुराना प्रमाण-पत्र शिकायत की पूरी आधारशिला को हिला सकता है।
राजनीतिक हलकों में अटकलें जोरों पर हैं। एक ही दल में ऐसी तालमेलहीनता स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
खैरागढ़ नगर पालिका पर पहले भी भ्रष्टाचार के कई आरोप लग चुके हैं, जिनमें 37 लाख का फर्जीवाड़ा और करोड़ों के निर्माण घोटाले शामिल हैं। जांच रिपोर्ट ही तय करेगी कि कागजों की तारीखें गलत हैं या जमीन पर काम अधूरा रहा। फिलहाल यह मामला स्थानीय स्वशासन व्यवस्था में पारदर्शिता और समन्वय की सख्त जरूरत को रेखांकित कर रहा है।



