रायपुर।छत्तीसगढ़ आज, 1 नवंबर 2026 को अपना 26वां राज्य स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर नवा रायपुर में तीन दिवसीय ‘छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026’ का भव्य आगाज हुआ है। राज्योत्सव का आयोजन 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव मैदान में किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।
राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों की झलक दिखाई जा रही है। कार्यक्रम में पलक मुच्छल, अभिजीत भट्टाचार्य और स्वस्ति मेहुल जैसे कलाकारों की प्रस्तुतियां भी होंगी। आयोजन स्थल पर विभागों के स्टॉल और प्रदर्शनियां लगाई गई हैं, जिनमें राज्य की विकास यात्रा, पर्यटन और सरकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ गठन की पूरी कहानी
छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने की मांग 1920 के दशक से उठने लगी थी। 1924 में रायपुर कांग्रेस इकाई ने अलग छत्तीसगढ़ राज्य की मांग उठाई थी। स्वतंत्रता के बाद 1954 में गठित राज्य पुनर्गठन आयोग के समक्ष भी यह मांग रखी गई, लेकिन तब इसे स्वीकार नहीं किया गया।
1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ क्षेत्र मध्य प्रदेश में शामिल कर दिया गया था। इसके बाद यह क्षेत्र लगभग 44 वर्षों तक मध्य प्रदेश का हिस्सा रहा।
1990 के दशक में अलग राज्य की मांग फिर जोर पकड़ने लगी। चंदूलाल चंद्राकर के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण मंच का गठन हुआ और प्रदेशभर में आंदोलन, रैलियां व हड़तालें आयोजित हुईं। 1994 में विधानसभा ने अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
25 जुलाई 2000 को लोकसभा में मध्य प्रदेश पुनर्गठन विधेयक पेश हुआ। 31 जुलाई 2000 को लोकसभा और 9 अगस्त 2000 को राज्यसभा से विधेयक पारित हुआ। तत्कालीन राष्ट्रपति के. आर. नारायणन ने 25 अगस्त 2000 को ‘मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000’ को मंजूरी दी।
इसके बाद 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश के 16 जिलों को अलग कर छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ। नया राज्य देश का 26वां राज्य बना और रायपुर को इसकी राजधानी बनाया गया। गठन के समय बस्तर, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कांकेर, कवर्धा, कोरबा, कोरिया, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर, राजनंदगांव और सरगुजा जिले शामिल थे।
26 वर्षों की विकास यात्रा
राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ के सामने सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और दूरदराज के आदिवासी इलाकों तक विकास पहुंचाने जैसी चुनौतियां थीं। बस्तर और सरगुजा के कई हिस्सों में नक्सलवाद भी विकास कार्यों के लिए बड़ी बाधा बना रहा।
पिछले 26 वर्षों में राज्य ने कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली क्षेत्रों में काफी प्रगति की है। रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा जैसे शहर औद्योगिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बन गए हैं। राज्य सरकार का दावा है कि इस दौरान बजट और निवेश में बड़ा विस्तार हुआ है, जबकि नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और विकास कार्यों को गति मिली है।
आगे के प्रमुख कार्यक्रम
2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का एयर शो प्रस्तुत किया जाएगा। इसी दिन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी राज्योत्सव के कार्यक्रम आयोजित होंगे।
3 नवंबर को राज्योत्सव का समापन समारोह होगा, जिसमें केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि रहेंगे। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा।





