रायपुर।छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने सोमवार को पार्टी के विधायकों, सांसदों और राज्य मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य फोकस सरकार और संगठन के बीच समन्वय बढ़ाना, जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का निपटारा तथा आगामी चुनावों के लिए तैयारी तेज करना रहा।
बैठकों के दौरान सांसदों और विधायकों की ओर से मंत्रियों से जुड़े कामकाज पर मिले फीडबैक पर स्मृति ईरानी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत हल किया जाए। उनका कहना था कि इन कामों का लंबा लटकना जनता के बीच सरकार और संगठन के प्रति भ्रम पैदा कर सकता है।
स्मृति ईरानी ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने विभागों की जिम्मेदारियों के साथ-साथ सांसदों और विधायकों की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों पर भी लगातार नजर रखें। मंत्रियों से जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करने को कहा गया।
बैठक में यह भी जोर दिया गया कि मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का नियमित दौरा करें और वहां की जमीनी स्थिति की समीक्षा करें। इससे पहले हुई समीक्षा बैठकों में भी मंत्रियों से प्रभार क्षेत्रों में सक्रियता, नियमित प्रवास और स्थानीय समस्याओं के निपटारे का हिसाब मांगे जाने की बात सामने आई थी।
सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में दिनभर बैठकों का सिलसिला चला। पहले विधायकों, फिर सांसदों और उसके बाद मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ चर्चा हुई। इन बैठकों में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी शामिल रहे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, विधायकों की बैठक में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, जनता से सीधे संपर्क और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा हुई। सांसदों के साथ हुई बैठक में केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने तथा संसदीय क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति को लेकर बातचीत हुई।
स्मृति ईरानी के इस दो दिवसीय रायपुर प्रवास को भाजपा की संगठनात्मक तैयारी और सरकार-संगठन के बीच तालमेल को और मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है। बैठकों में आगामी चुनावी रणनीति और बूथ स्तर तक पार्टी को सक्रिय बनाने के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।






