रायपुर।राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन भवन में सोमवार को गणेशोत्सव समिति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने गणेशोत्सव के आयोजकों, समिति पदाधिकारियों और व्यवस्था में जुटे स्वयंसेवकों का सम्मान किया। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत और सेवाभाव की सराहना की।
समारोह को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि गणेशोत्सव समाज को जोड़ने और एकजुट करने का बड़ा पर्व है। उन्होंने सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने आजादी के आंदोलन के दौरान समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत की थी। आज भी गणेशोत्सव मोहल्लों, कॉलोनियों और समाज को एक साथ जोड़ने का काम कर रहा है।




उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान बच्चे, युवा, बुजुर्ग और समाज के सभी वर्ग के लोग एक साथ पूजा और आरती में शामिल होते हैं। इससे आपसी मेलजोल और भाईचारा बढ़ता है। गरीब हो या अमीर, सभी अपनी क्षमता के अनुसार उत्सव में योगदान देते हैं और यही सामाजिक एकता की ताकत है।
युवाओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील
सांसद अग्रवाल ने गणेशोत्सव में शामिल युवाओं से उत्साह के साथ अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्सव में मौज-मस्ती और उल्लास जरूरी है, लेकिन इस दौरान व्यवस्था का भी ध्यान रखना चाहिए। पंडालों और विसर्जन के दौरान धक्का-मुक्की, हुड़दंग या महिलाओं और बच्चियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
झांकियों से नई पीढ़ी को मिल रहे संस्कृति के संस्कार
गणेशोत्सव के दौरान सजाई जाने वाली झांकियों और प्रतिमाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समितियां अब श्रवण कुमार, हनुमान जी और पौराणिक कथाओं से जुड़ी झांकियां तैयार कर रही हैं। इन झांकियों को देखकर बच्चे अपने माता-पिता से सवाल करते हैं और इसी बहाने उन्हें वेद, पुराण, रामायण, महाभारत और गीता जैसी हमारी परंपराओं और इतिहास के बारे में जानकारी मिलती है।




उन्होंने कहा कि इस तरह गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नई पीढ़ी को हमारी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का भी माध्यम बन रहा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने गणेशोत्सव के सफल आयोजन के लिए जोन अध्यक्ष एवं पार्षद अंबर अग्रवाल, भाजयुमो जिला मंत्री श्लोक शर्मा, समाजसेवी विशाल खंडेलवाल, सुरेश शर्मा सहित पूरी टीम को बधाई दी।






