अंबिकापुर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का अपना संभाग होने के बावजूद सरगुजा की सड़कों पर बेहिसाब गड्ढे सरकार की विकास व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के कई मंत्री इसी संभाग से आते हैं, इसके बावजूद शहर से लेकर रामानुजगंज की सरहद तक प्रमुख सड़कों की हालत बद से बदतर होती जा रही है।
अंबिकापुर-रायगढ़, अंबिकापुर-रामानुजगंज और अंबिकापुर-बिश्रामपुर मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। कई जगह गड्ढे 8 से 10 फीट लंबे और करीब एक फीट तक गहरे हैं। बारिश के बाद इनमें पानी भर जाने से वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है।
जिस संभाग से प्रदेश के मुख्यमंत्री आते हैं, उसी संभाग की प्रमुख सड़कों की यह तस्वीर अब जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का सवाल है कि जब मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र की सड़कों का यह हाल है, तो प्रदेश के दूसरे हिस्सों की सड़कों की निगरानी और मरम्मत की स्थिति क्या होगी?
गड्ढों में नहाकर जनता ने जताया विरोध
प्रशासन की अनदेखी से नाराज लोगों ने अब अनोखे तरीके से विरोध शुरू कर दिया है। खरसिया चौक के गड्ढों में जमा गंदे पानी में नहाकर लोगों ने सड़क की बदहाली पर तंज कसा। वहीं एनएच-43 और एमजी रोड के गड्ढों के पास ‘हाय रे सरगुजा’ गाने पर डांस कर विरोध जताया गया।

सोशल मीडिया पर भी सड़कों की तस्वीरें और विरोध के वीडियो सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं के दावों के बीच मुख्य सड़कों के गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे हैं।
सड़कें कब होंगी गड्ढामुक्त?
अब सवाल सीधे मुख्यमंत्री से पूछा जा रहा है—जब सरगुजा आपका अपना संभाग है और सरकार के कई बड़े जनप्रतिनिधि इसी क्षेत्र से आते हैं, तो फिर यहां की प्रमुख सड़कें इतनी बदहाल क्यों हैं?
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सड़क पर गड्ढे की जानकारी तकनीक के जरिए कार्यालय में बैठे-बैठे मिलने वाले बयान के बीच सरगुजा की सड़कें भी चर्चा में हैं।
जनता का कहना है कि गड्ढे इतने बड़े हैं कि उन्हें देखने के लिए किसी तकनीक की नहीं, सिर्फ जिम्मेदारों की नजर की जरूरत है।
अब सरगुजा की जनता सड़क मरम्मत के आश्वासन नहीं, सड़कों पर वास्तविक काम चाहती है। सवाल यही है—मुख्यमंत्री के अपने संभाग की सड़कें आखिर कब गड्ढामुक्त होंगी?






