नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक टिप्पणी/आकलन को लेकर भारतीय राजनीति में बहस तेज हो गई है। मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बड़ा प्रभावशाली नेता बताए जाने के दावे के बाद सत्तारूढ़ पक्ष के समर्थकों ने कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा है।
राजनीतिक टिप्पणीकारों का कहना है कि विपक्ष अक्सर प्रधानमंत्री मोदी से जुड़ी सकारात्मक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग को संदेह की नजर से देखता है। ऐसे में सोशल मीडिया पर कांग्रेस समर्थकों पर व्यंग्य करते हुए कहा जा रहा है कि “अब कांग्रेसी कहेंगे कि न्यूयॉर्क टाइम्स भी बिक गया।”

समर्थकों का तर्क है कि प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक राजनीति में बढ़ती भूमिका और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी सक्रिय कूटनीति का असर अब विदेशी मीडिया के आकलनों में भी दिखाई देता है। वहीं, विपक्षी खेमे की ओर से ऐसे दावों की विश्वसनीयता और संदर्भ को लेकर सवाल उठाए जाने की संभावना है।
यह पूरा विवाद इस बात को लेकर भी चर्चा में है कि विदेशी मीडिया में किसी भारतीय नेता की सकारात्मक या प्रभावशाली छवि को भारतीय राजनीतिक दल किस तरह देखते हैं। सोशल मीडिया पर समर्थक इसे मोदी की वैश्विक स्वीकार्यता से जोड़ रहे हैं, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक प्रचार के तौर पर देख रहे हैं।






