रायपुर।नकटी गांव में चारागाह भूमि पर बने ग्रामीणों के आवासों को हटाकर विधायक कॉलोनी निर्माण के मामले में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का विरोध तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ सर्व किसान समाज, छबेस, छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा और छसपा के नेताओं ने साय सरकार पर गरीब विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया है।
छसपा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने कहा कि राजधानी रायपुर के नकटी गांव में जनता के पैसे से बने गरीब परिवारों के आवासों को केवल विधायकों के आलीशान बंगलों के लिए तुड़वा दिया गया। यह फैसला पूरी तरह अन्यायपूर्ण और अमानवीय है।
अनिल दुबे ने कहा कि एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार खुद को गरीबों का हितैषी बताती है, वहीं दूसरी ओर गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाकर सत्ता के लोगों के लिए सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि गरीबों के आशियाने उजाड़कर विधायक बंगले बनाना किस तरह का सुशासन है।
उन्होंने आरोप लगाया कि साय सरकार में सत्ता और भ्रष्टाचार का गठजोड़ साफ दिखाई दे रहा है। सरकार जनता के हितों की अनदेखी कर केवल सत्ता प्रतिष्ठान को मजबूत करने में लगी हुई है।
इस मुद्दे पर लाला राम वर्मा, महेंद्र कौशिक, जगदंबा साहू, विमल ताम्रकार, छन्नू साहू और चेतन देवांगन ने भी सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। सभी नेताओं ने साय सरकार से इस्तीफे की मांग की।





