मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि सामूहिक विवाह समारोह में 189 जोड़ों को दिए गए मंगलसूत्र कथित रूप से नकली चांदी के थे। इस मामले को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग पर नवविवाहित बहुओं और बेटियों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया जा रहा है।
पोस्ट में दावा किया गया है कि साड़ी के बाद अब मंगलसूत्र की खरीद में भी अनियमितता सामने आई है। साथ ही आबकारी मंत्री के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि बेटियों के लिए खरीदे गए मंगलसूत्र भी शराब से प्राप्त राजस्व के पैसे से खरीदे गए होंगे।
पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि सोना-चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच अधिकारियों ने वास्तविक सोने-चांदी के आभूषण खरीदने के बजाय अन्य विकल्प अपनाए। इसके जरिए योजना की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए गए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है तथा विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है।





