केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली एलपीजी सब्सिडी को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब योजना के लाभार्थी परिवारों को साल में केवल 4 ही सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम गैस सिलेंडर मिलेंगे। इससे पहले यह संख्या 9 थी, जबकि योजना की शुरुआत में 12 सिलेंडर तक सब्सिडी दी जाती थी।
इस फैसले से देशभर के करीब 10.60 करोड़ उज्ज्वला योजना के लाभार्थी प्रभावित होंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में आई दिक्कतों को देखते हुए लिया गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण एलपीजी की लागत बढ़कर 1,600 रुपये प्रति सिलेंडर से भी अधिक हो गई है। इसी वजह से सब्सिडी की सीमा को घटाकर मौजूदा स्तर पर लाया गया है।

मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि अब भी उज्ज्वला लाभार्थियों को पहले 4 सिलेंडरों पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती रहेगी, जिससे उन्हें राहत मिलती रहेगी। सरकार का दावा है कि यह बदलाव परिवारों की औसत सालाना गैस खपत को ध्यान में रखकर किया गया है।
हालांकि, इस फैसले को लेकर आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। विपक्ष और सामाजिक संगठनों का कहना है कि इससे गरीब परिवारों की रसोई का खर्च बढ़ सकता है और योजना का उद्देश्य कमजोर हो सकता है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी।







