रायपुर।रायपुर एम्स की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। रविवार को सर्वर ठप होने की वजह से अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आरोप है कि ऑनलाइन सिस्टम बंद होने से भर्ती की प्रक्रिया रुक गई, जिससे खाली बेड होने के बावजूद कई मरीजों को एडमिट नहीं किया जा सका।
गर्मी के बीच सुबह से पहुंचे मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा। रजिस्ट्रेशन, भर्ती और अन्य डिजिटल काम प्रभावित होने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह बताई जा रही है कि गंभीर बीमारी, खासकर कैंसर के मरीजों की भर्ती भी प्रभावित हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मामले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सर्वर खराब होने के कारण कैंसर मरीजों को बेड नहीं मिल पाए, जबकि अस्पताल में बेड खाली थे। उन्होंने कहा कि सिस्टम की गड़बड़ी का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है।
एम्स रायपुर की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल करीब 88 फीसदी बेड ऑक्यूपेंसी पर चल रहा है और पूरे संस्थान में सिर्फ एक ही MRI मशीन है। इसके चलते मरीजों को जांच के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ मरीजों को MRI के लिए 4 महीने तक की वेटिंग भी मिल रही है।
अब मांग की जा रही है कि एम्स प्रशासन सर्वर की समस्या, बेड की उपलब्धता और MRI सुविधा की वास्तविक स्थिति को साफ करे। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।





