देशभर में मतदाता सूची संशोधन के लिए चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) अभियान के बीच बूथ लेवल अफसरों (BLO) की लगातार मौतों ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
सिर्फ 19 दिनों में 6 राज्यों से 15 BLO की मौत की खबरें सामने आई हैं, जिनमें हार्ट अटैक, तनाव और आत्महत्या के मामले शामिल हैं।
सबसे ताज़ा घटनाएँ 21-22 नवंबर की रात मध्य प्रदेश से आईं, जहां दो BLO की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिवारों का आरोप है कि टारगेट और ऑनलाइन मीटिंग्स के दबाव ने उनकी जान ले ली।
पश्चिम बंगाल:नदिया जिले में महिला BLO रिंकू छत से लटकी हुई मिलीं। पुलिस को सुसाइड नोट भी बरामद हुआ।
यह SIR अभियान के दौरान बंगाल में दूसरी आत्महत्या और तीसरी मौत है।
राजस्थान:जयपुर में 40 वर्षीय BLO मुकेश जांगिड़ ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
करौली और सवाई माधोपुर में भी BLO की मौत और हार्ट अटैक के मामले आए।
गुजरात:पिछले चार दिनों में 4 BLO की मौत की पुष्टि हुई है। अहमदाबाद और दाहोद में दो BLO गंभीर हालत में भर्ती हैं।
मध्य प्रदेश:रायसेन में रमाकांत पांडे और दमोह के सीताराम गोंड (50) की काम के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हुई।
रायसेन के नारायण सोनी छह दिनों से लापता हैं — परिजनों का दावा है कि उन्हें टारगेट और निलंबन की चेतावनियों ने तोड़ दिया।
भोपाल में ड्यूटी के दौरान कीर्ति कौशल और मो. लईक को हार्ट अटैक आया, वे अस्पताल में भर्ती हैं।
इलेक्शन कमिशन की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में सबसे अधिक 60.54% फॉर्म डिजिटलाइज हुए, जबकि केरल सबसे पीछे 10.58% पर है।
अब तक 98.98% फॉर्म का वितरण किया जा चुका है।







