मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक कमलनाथ ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स में कटौती कर जनता को 10 रुपए प्रति लीटर तक राहत दे।
कमलनाथ ने कहा कि एक हफ्ते के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की गई है। मंगलवार से पेट्रोल और डीजल 90 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। सरकार अंतरराष्ट्रीय कारणों का हवाला दे रही है, लेकिन असली वजह राज्य सरकार का भारी टैक्स है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश की तुलना में पेट्रोल करीब 13 रुपए और डीजल करीब 4 रुपए प्रति लीटर महंगा मिल रहा है। राज्य सरकार पेट्रोल पर 29 प्रतिशत वैट, 2.5 रुपए अतिरिक्त टैक्स और 1 प्रतिशत सेस वसूल रही है। वहीं डीजल पर 19 प्रतिशत वैट, 1.5 रुपए अतिरिक्त टैक्स और 1 प्रतिशत सेस लिया जा रहा है।
कमलनाथ के मुताबिक, प्रदेश की जनता पेट्रोल पर 30 रुपए से ज्यादा और डीजल पर 20 रुपए से ज्यादा टैक्स दे रही है। इसका अंतरराष्ट्रीय बाजार से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने बताया कि भोपाल में पेट्रोल 110.75 रुपए और डीजल 95.91 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। इंदौर और जबलपुर में पेट्रोल 110.79 रुपए, ग्वालियर में 110.69 रुपए और उज्जैन में 111.27 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं उज्जैन में डीजल 96.40 रुपए, भोपाल में 95.91 रुपए, इंदौर में 95.97 रुपए, जबलपुर में 95.98 रुपए और ग्वालियर में 95.86 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।
कमलनाथ ने कहा कि सरकार अगर टैक्स कम करती है तो जनता को राहत मिलेगी और राजस्व पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि डीजल महंगा होने की वजह से ट्रक और भारी वाहन दूसरे राज्यों से ईंधन भरवा रहे हैं। सीमावर्ती जिलों के लोग भी पड़ोसी राज्यों से पेट्रोल-डीजल खरीद रहे हैं, जिससे मध्य प्रदेश को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने राज्य सरकार से तुरंत पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती करने की मांग की है।







